
बेंगलुरु। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सड़क पर उतरकर बड़ा राजनीतिक अभियान चलाने का फैसला किया है। पार्टी 1 से 10 सितंबर तक रायचूर से बेल्लारी तक करीब 200 किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकालेगी। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि इस मार्च के जरिए राज्य सरकार की कथित नाकामियों को जनता के सामने रखा जाएगा।
पार्टी के मुताबिक, पदयात्रा के दौरान किसानों की समस्याओं, बेरोजगारी, आरक्षण और सरकारी भर्तियों में कथित भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। इसके अलावा राज्य कैबिनेट में ऐसे नेता को शामिल किए जाने का मुद्दा भी उठाया जाएगा, जिस पर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर बीजेपी लगातार कांग्रेस सरकार पर हमला करती रही है।
1 सितंबर को रायचूर से होगी शुरुआत
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष विजयेंद्र ने बताया कि पदयात्रा की शुरुआत 1 सितंबर को रायचूर से होगी। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी मार्च का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद बीजेपी नेता और कार्यकर्ता पैदल मार्च करते हुए विभिन्न इलाकों से गुजरेंगे और 10 सितंबर को बेल्लारी में पदयात्रा का समापन होगा।
लगभग 200 किलोमीटर के इस राजनीतिक मार्च को बीजेपी ने राज्य सरकार के खिलाफ अपने अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। पार्टी का कहना है कि यात्रा के दौरान स्थानीय स्तर पर लोगों से संवाद किया जाएगा और उनकी समस्याओं को सामने लाया जाएगा।
किसानों और युवाओं के मुद्दे होंगे केंद्र में
विजयेंद्र के अनुसार, पदयात्रा में किसानों की स्थिति को प्रमुख मुद्दा बनाया जाएगा। बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में किसानों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी कृषि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ युवाओं में बेरोजगारी को भी प्रमुखता से उठाएगी।
सरकारी नौकरियों में भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी बीजेपी कांग्रेस सरकार पर निशाना साधेगी। पार्टी ने भर्ती में कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं और इसे युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया है।
इसके अलावा आरक्षण से संबंधित मुद्दों को लेकर भी बीजेपी सरकार को घेरने की तैयारी में है। पार्टी का कहना है कि आरक्षण और भर्ती जैसे विषय सीधे तौर पर बड़ी संख्या में युवाओं और सामाजिक वर्गों को प्रभावित करते हैं, इसलिए इन्हें पदयात्रा के दौरान प्रमुखता से उठाया जाएगा।
बी. नागेंद्र को लेकर भी सरकार पर हमला
बीजेपी राज्य कैबिनेट में बी. नागेंद्र को शामिल किए जाने के मुद्दे को भी अभियान का हिस्सा बनाएगी। पार्टी की ओर से नागेंद्र को लेकर भ्रष्टाचार के आरोपों का हवाला देते हुए कांग्रेस सरकार पर सवाल उठाए जाते रहे हैं।
विजयेंद्र ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कामकाज और मंत्रिमंडल से जुड़े विवादों को भी जनता के सामने रखा जाएगा। बीजेपी का प्रयास है कि इन मुद्दों के जरिए सरकार की जवाबदेही तय की जाए और लोगों को सरकार की कथित नाकामियों के बारे में बताया जाए।
JD(S) का मिला समर्थन
बीजेपी के नेतृत्व में होने वाली इस पदयात्रा को जनता दल (सेक्युलर), JD(S) का भी समर्थन मिलने की बात कही गई है। विजयेंद्र ने बताया कि JD(S) इस मार्च को पूरा समर्थन देगी।
उन्होंने कहा कि JD(S) के नेता पदयात्रा के उद्घाटन और समापन कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे। इससे विपक्षी खेमे के बीच समन्वय का संकेत मिलता है। रायचूर से बेल्लारी तक प्रस्तावित मार्च में दोनों दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं की भागीदारी रहने की संभावना है।
सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश
बीजेपी ने पदयात्रा को केवल विरोध प्रदर्शन तक सीमित नहीं रखने की बात कही है। पार्टी के अनुसार, इसका उद्देश्य जनता के बीच जाकर सरकार के कामकाज को लेकर जागरूकता पैदा करना है।
विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार जनता, गरीबों, किसानों और युवाओं के हितों के खिलाफ काम कर रही है तथा विकास के मुद्दे पर भी सरकार अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर रही। उन्होंने कहा कि पदयात्रा के माध्यम से कांग्रेस सरकार का कथित वास्तविक चेहरा जनता के सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।
बीजेपी नेताओं का मानना है कि पैदल मार्च के जरिए स्थानीय लोगों से सीधा संपर्क स्थापित किया जा सकेगा। यात्रा जिन क्षेत्रों से गुजरेगी, वहां स्थानीय समस्याओं को उठाने और लोगों की शिकायतें सुनने की भी योजना है।
कांग्रेस के सामने बढ़ेगी राजनीतिक चुनौती
राज्य में बीजेपी की यह पदयात्रा ऐसे समय हो रही है, जब सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी दलों के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर राजनीतिक टकराव जारी है। बीजेपी अब किसानों, बेरोजगार युवाओं, आरक्षण, भर्ती और भ्रष्टाचार के आरोपों को एक साथ उठाकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश करेगी।
रायचूर से बेल्लारी तक प्रस्तावित मार्च की लंबी दूरी और 10 दिन की अवधि इसे बीजेपी के बड़े जनसंपर्क अभियानों में शामिल करती है। पार्टी को उम्मीद है कि इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक इसमें शामिल होंगे।
1 सितंबर से शुरू होने वाली यह पदयात्रा 10 सितंबर को बेल्लारी में समाप्त होगी। अब देखना होगा कि बीजेपी का यह अभियान जनता के बीच कितना प्रभाव छोड़ता है और कांग्रेस सरकार इस राजनीतिक हमले का किस तरह जवाब देती है।





